Popular Posts

Wednesday, 22 February 2012

. वर्तमान का महत्व

                  हम चीजो को भूतकाल  मे बदलने का प्रयास करते हैं , जिससे की हमारा वर्तमान सुधर सके , लेकिन जब हमारा भूतकाल हमारा वर्तमान था तब हम सोये रहे और अपने उस 'वर्तमान' को यूं ही जाने दिया . हमारे हाथ मे न तो भूतकाल है और न ही भविष्य , हम सिर्फ वर्तमान के ही अधिकारी हैं . इसलिए जरूरत अपने वर्तमान को समझने की है क्योकि वर्तमान मे हमारे द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय हमारे भविष्य की दिशा और दशा दोनों को सुनिश्चित करेगा .
                   यदि हम अपने वर्तमान को सही ढंग से सुनिश्चित नहीं करते हैं तो 'भविष्य' जब हमारा 'वर्तमान' होगा तो हमे सिवाय पछताने के और कुछ हाथ नहीं लगेगा और पछतावा सर्वाधिक दुखदायी क्रिया है खासकर तब जब प्रायश्चित का मौका ही न मिले ... वर्तमान ही वो  स्थान है जहाँ हम न केवल अपने अतीत को बदल सकते हैं बल्कि अपने भविष्य की दिशा को भी सुनिश्चित केर सकते हैं . 

No comments:

Post a Comment